कुछ लोग हमारी जिंदगी में इतनी ज्यादा गहराई से जुड़ जाते हैं कि उनके जाने के बाद भी उनकी मौजूदगी महसूस होती रहती है। बाहर से सब normal लगता है, लेकिन अंदर कहीं ना कहीं दिल उसी इंसान में अटका रहता है। उनकी छोटी-छोटी बातें, पुरानी chats, साथ बिताए moments और कुछ जगहें अचानक उनकी याद दिलाने लगती हैं।
कई लोग खुद से यही सवाल पूछते हैं हमारी वेबसाईट की सलाहकर Ridhima Jain से पूछते हैं की मैं अभी तक उसे भूल क्यों नहीं पा रहा? सच कहें तो किसी को भूलना सिर्फ दिमाग का काम नहीं होता। जब feelings गहरी हों, attachment बहूत ज्यादा हो और उम्मीदें जुड़ जाएं, तब move on करना आसान नहीं लगता।
आजकल social media ने भी चीजों को और मुश्किल बना दिया है। जैसे इंसान आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन हर थोड़ी देर में profile check करने लग्न या पुरानी बातें याद करना healing को slow कर देता है।
लेकिन इसका मतलब ये कभी नहीं होता कि जिंदगी यहीं रुक जाती है। हर इंसान अपने तरीके से और अपने समय पर heal करता है। इस article में हम समझेंगे कि किसी को भूलना इतना मुश्किल क्यों लगता है, दिल और दिमाग अलग तरह से क्यों react करते हैं, और खुद को धीरे-धीरे emotionally strong कैसे बनाया जा सकता है।
किसी को भूलना इतना मुश्किल क्यों लगता है?
जब कोई इंसान लंबे समय तक हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है, तो उसके साथ सिर्फ हमारी बातें नहीं जुड़तीं, बल्कि emotions भी जुड़ जाते हैं। यही emotional attachment किसी को भूलना और ज्यादा मुश्किल बना देती है। हम उस इंसान की आदत बना लेते हैं जैसे रोज बात करना, अपनी हर छोटी-बड़ी बात share करना और उसकी presence महसूस करना हमारी daily life का हिस्सा बन जाता है।
इतना ही नहीं उनकी memories भी बहुत बड़ा कारण होती हैं। कुछ गाने, कुछ ऐसी जगह जहा उनके साथ समय बिताया हो, उनकी photos या छोटी-छोटी चीजें अचानक पुरानी यादें वापस ले आती हैं। इनसान move on करना चाहता तो है, लेकिन दिमाग बार-बार उसी तरफ चला जाता है।
कई बार कुछ उम्मीदें भी दिल को पीछे खींचती हैं। मन में कहीं ना कहीं ये उम्मीद रहती है कि शायद सब पहले जैसा हो जाए शायद वह हमसे बात करे हम फिर से एक हो जाए। यही उम्मीद इंसान को पूरी तरह से आगे बढ़ने नहीं देती।
आदतें भी आसानी से खत्म नहीं होतीं जैसे जब कोई लंबे समय तक हमारे साथ रहता है, तो उसका ना होना खालीपन जैसा लगता है। यही कारण है कि किसी को भूलना सिर्फ उस एक इंसान को भूलना नहीं, बल्कि उससे जुड़ी feelings और आदत से बाहर निकलना भी होता है।
दिमाग और दिल क्यों लड़ते हैं?
जब हम किसी इंसान हो भूलने की कोशिश मे लगते हैं तो हमारा दिल और दिमाग दोनों लड़ाई करने लगते हैं अक्सर लोगों से हमने सुना हैं दिल नहीं मानता यार जरूर कुछ और बात होगी ऐसे सवाल पैदा होते हैं। इन्सानों की Psychology के अनुसार, जब भी हम किसी से emotionally जुड़ जाते हैं, तो हमारा दिमाग उस इंसान को safety और comfort से जोड़ लेता है।
इसलिए जब वो रिश्ता खत्म होता है, तो दिमाग उसे बहूत गहेरे नुकसान की तरह महसूस करता है। इसी कारण उदासी , चिंता और अकेलापन हमें घेर लेता हैं। Emotional निर्भर रहना भी एक बड़ा कारण होती है। अगर हम अपनी खुशी, शांति या emotional support पूरी तरह किसी एक इंसान पर depend कर देते हैं तो उसके जाने के बाद अंदर बहुत बड़ा खालीपन महसूस होता है।
इसके साथ ही overthinking चीजों को और मुश्किल बना देती है। दिमाग बार-बार पुरानी बातें सोचता है के काश ऐसा ना हुआ होता , क्या गलती मेरी थी? यही विचार दिमाग को शांत नहीं होने देते और दिल और दिमाग के बीच चलने वाली यह बहस हमारे दुख का कारण बनने लगती हैं।
किसिको भूलने के प्रैक्टिकल तरीके
हमारे लिए Move on करना आसान नहीं होता, लेकिन सही तरीके अपनाए जाएं तो धीरे-धीरे हमारा दिल हल्का होने लगता है। सबसे जरूरी बात ये है कि खुद के साथ जबरदस्ती ना करें क्योंकि Healing एक process है और हर इनसान अपने समय पर ठीक होता है।
सबसे पहले थोड़ा Emotional Distance बनाना जरूरी है। अगर आप बार-बार उसी इंसान से contact में रहेंगे, तो feelings फिर से मजबूत होती रहेंगी। इसलिए कुछ समय के लिए दूरी बनाना दिमाग को शांत करने में मदद करता है। इसके साथ ही Self improvement पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। अपने career, health, skills और goals पर ध्यान देना शुरू करें। जब इंसान खुद को बेहतर बनाने में busy होता है तो धीरे-धीरे उसका ध्यान पुरानी बातों से हटने लगता है।
एक नया routine बनाना भी काफी मदद करता है जैसे अब तक आपका सोने उठने का कोई schedule नहीं हैं proper तो सबसे पहेले उसे ठीक करे इसके सिवा सुबह walk करना, workout करना, reading या किसी नए अच्छी आदत को अपनाना दिमाग को positive direction देता है।
आप law of attraction से जुड़ी कुछ Books पढ़ सकते हैं जैसे:-
- The Magic by Rhonda Byrne
- The Secret by Rhonda Byrne
- THe Power of One Thoghts by Bk Shivani
इसके सिवा आप यूट्यूब पर अच्छे मेडिटेशन वाले लॉंग वीडियोज़ देख सकते हैं या bhramakumaris के मेंटल पीस और अच्छी समझदारी देने वाले आर्टिकल पढ़ सकते हैं।
सबसे जरूरी अपनी Family और friends का support ignore मत कीजिए। कई बार सिर्फ किसी अपने से खुलकर बात करने से भी मन हल्का हो जाता है। अकेले सबकुछ handle करने की जरूरत नहीं होती साथ ही ये भी जरूरी हैं के आप अपने दोस्तों के साथ अच्छा क्वालिटी टाइम बिताए।
Social media detox भी मूव ऑन कने में important role निभाता है। बार-बार profile check करना move on process को slow कर देता है। इसलिए कुछ समय के लिए ही सही पर digital distance रखना बेहतर होता है। धीरे-धीरे जब इनसान खुद को priority देना शुरू करता है, तब अंदर की strength वापस आने लगती है।
Move On करते समय यह गलतिया ना करे
बार-बार सामने वाले को cotnact करने की कोशिश करना
झूठी उम्मीद पकड़कर बैठ जाना
हर समय दुखी चीजों में डूबे रहना
खुद को सबसे अलग कर लेना
खुद को दोष देते रहना
जल्दी move on दिखाने की कोशिश करना
निष्कर्ष
किसी को भूलना मुश्किल जरूर होता है लेकिन impossible कभी नहीं। जब feelings सच्ची हों और याडे गहरी हों या Emotional Attachment मजबूत हो तब हमें heal होने में समय लगता है। इसलिए खुद को जल्दी Move On करने के लिए जबरदस्ती करना जरूरी नहीं है।
हमारी Healing धीरे-धीरे होती है कभी कभी कुछ दिन अच्छे जाते हैं, कुछ दिन फिर पुरानी यादें वापस आ जाती हैं। लेकिन समय के साथ इंसान खुद को संभालना सीख जाता है। सबसे जरूरी बात ये है कि अपनी जिंदगी और अपनी mental peace को priority देना सीखें।
ध्यान रहे Self-love सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि healing का सबसे जरूरी हिस्सा है। जब इंसान खुद की Respect और खुशी पर ध्यान देना शुरू करता है तब अंदर की मजबूती वापस आने लगती है।
जिंदगी किसी एक इंसान पर कभी नहीं रुकती समय जरूर आगे बढ़ता है और इंसान भी धीरे-धीरे आगे बढ़ना सीख जाता है। धन्यवाद!
FAQs – पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर
Q.1. किसी को भूलने में कितना समय लगता है?
हर इंसान की feelings और हालात अलग होते है इसलिए किसी को भूलने का कोई fixed time नहीं होता। कुछ लोग जल्दी संभल जाते हैं जबकि कुछ को ज्यादा समय लगता है। जरूरी यह है कि आप खुद को heal होने का समय दें और अपनी emotional health का ध्यान रखें।
2. क्या किसी को पूरी तरह भुलाया जा सकता है?
अक्सर इंसान पूरी तरह नहीं भूलता लेकिन समय के साथ दर्द कम होने लगता है। यादें रहती हैं कभी नहीं मरती लेकिन उनका असर धीरे-धीरे हल्का हो जाता है। साथ ही Healing का मतलब यादों को मिटाना नहीं बल्कि उनके साथ भी खुद को मजबूत बनाना है।
3. Move on करने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है?
Move on करने के लिए सबसे जरूरी है खुद को priority देना। जब कोई इंसान अपनी mental peace, self-respect और अपने goals पर ध्यान देना शुरू करता है तब धीरे-धीरे दिल और दिमाग भी आगे बढ़ने लगते है।






